12 अप्रैल, 2023
जोई ट्रॉट्ज़
प्रॉडक्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर, Privacy Sandbox
हाल ही में, हमने AdExchanger के साथ मिलकर एक नया अध्ययन पब्लिश किया है. इसमें डिजिटल विज्ञापन पर कुकी मैचिंग के असर की जांच की गई है. यहां लेख का छोटा सा उद्धरण दिया गया है.
डिजिटल विज्ञापन इंडस्ट्री, उपभोक्ताओं की निजता को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर तरीके अपना रही है. ऐसे में, विज्ञापन टेक्नोलॉजी से जुड़ी कुछ कंपनियों को यह चिंता है कि निजता को बेहतर बनाने से, कारोबार पर क्या असर पड़ेगा. हालांकि, विज्ञापन टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियां, तीसरे पक्ष की कुकी जैसी लेगसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जारी रखने की लागत पर कितनी बार विचार करती हैं?
अच्छी बात यह है कि Privacy Sandbox जैसी नई डिजिटल विज्ञापन टेक्नोलॉजी, न सिर्फ़ उपभोक्ताओं की निजता को बेहतर बनाती हैं, बल्कि तीसरे पक्ष की कुकी की तुलना में कारोबारों के लिए अहम नतीजे भी दे सकती हैं.
इसका एक उदाहरण, रीयल-टाइम बिडिंग के लिए विज्ञापन टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के बीच ऑडियंस मैचिंग है. ऑडियंस मैच रेट, दो विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म (जैसे, डीएसपी और एसएसपी, डीएसपी और डीएमपी), दोनों ही विज्ञापन देने वाले व्यक्ति या कंपनी को पहचानते हैं और उसे प्रोग्रामैटिक तरीके से पहुंचने की सुविधा देते हैं.
इस नई स्टडी से पता चलता है कि ऑडियंस मैच करने के लिए, लेगसी थर्ड-पार्टी कुकी का इस्तेमाल करने वाली AdTech कंपनियों को मैच रेट कम होने की वजह से, लाखों डॉलर का नुकसान हो सकता है. आम तौर पर, मैच रेट 31% से 45% के बीच होता है, जिससे असल पहुंच कम हो जाती है. इसके उलट, निजता बनाए रखने वाली नई टेक्नोलॉजी, जैसे कि Privacy Sandbox की मदद से, मैच रेट को बेहतर बनाया जा सकता है. साथ ही, निजता की सुरक्षा भी की जा सकती है.
यह सर्वे, AdExchanger और Privacy Sandbox के साथ पार्टनरशिप करके फ़रवरी 2023 में किया गया था.